विद्यालय की स्थायी मान्यता दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग मामले में हुई कार्रवाई
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में एंटी करप्शन संगठन की कार्रवाई के बाद दो कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि विद्यालय की स्थायी मान्यता दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी, जिसकी शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन संगठन की जांच में बीएसए कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आकाश यादव और आशुलिपिक (स्टेनो) धर्मेन्द्र कुमार राय उर्फ बब्लू राय की संलिप्तता सामने आने के बाद दोनों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संगठन के अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला उस समय उजागर हुआ जब जीयनपुर थाना क्षेत्र के भरौली गांव निवासी चन्द्रशेखर शर्मा ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की कि उनके विद्यालय की स्थायी मान्यता दिलाने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और बुधवार को दोपहर करीब 12:30 बजे बीएसए कार्यालय के अधिष्ठान कक्ष में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कनिष्ठ सहायक आकाश यादव को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की। गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई दो स्वतंत्र लोक सेवक साक्षियों की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। एंटी करप्शन संगठन की ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक आनन्द कुमार वर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित, निरीक्षक कमलेश कुमार पासवान, उपनिरीक्षक ताहिर हुसैन खान सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। शिक्षा विभाग के एक महत्वपूर्ण कार्यालय में हुई इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।




