आईफोन और अवैध धन की मांग का आरोप; विशेष न्यायाधीश ने मंडलायुक्त व डीआईजी से मांगी रिपोर्ट
फिरोजाबाद। फिरोजाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया है। टूंडला की तत्कालीन तहसीलदार एवं वर्तमान में राजस्व परिषद लखनऊ में तैनात राखी शर्मा ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7 और 13 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में तत्कालीन जिलाधिकारी रमेश रंजन (वर्तमान में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश, लखनऊ), उनके तत्कालीन ओएसडी शैलेंद्र शर्मा, डीएम कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र खन्ना, एसडीएम कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक अजीत उपाध्याय तथा डीएम कार्यालय के पेशकार दौजीराम को नामजद किया गया है। राखी शर्मा का आरोप है कि उन्होंने 4 सितंबर 2024 से 16 अप्रैल 2026 तक तहसीलदार टूंडला के रूप में कार्य किया। इस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी ने कथित रूप से अवैध धन उगाही के उद्देश्य से एक टीम गठित कर रखी थी। आरोप है कि उक्त टीम विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बिना पर्याप्त कारण नोटिस जारी कराने, वेतन रोकने अथवा अन्य प्रशासनिक दबाव बनाकर उनसे अवैध वसूली का कार्य करती थी। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि तहसीलदार के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन किया, लेकिन कथित उगाही तंत्र की मांगों को पूरा न करने पर उनके विरुद्ध आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही का आरोप लगाकर अप्रैल 2025 का वेतन रुकवा दिया गया। राखी शर्मा ने आरोप लगाया है कि जुलाई माह में उन पर तत्कालीन डीएम को “मंथली” देने का दबाव बनाया गया। साथ ही वेतन जारी कराने के बदले आईफोन देने और डीएम आवास पर पहुंचने के लिए भी कहा गया। उनका दावा है कि दबाव के चलते उन्हें आईफोन उपलब्ध कराना पड़ा। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) मृदुल दुबे ने मंडलायुक्त आगरा मंडल और डीआईजी आगरा रेंज से प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के संबंध में आख्या तलब की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 जून निर्धारित की है। हालांकि, आरोपों की सत्यता की पुष्टि न्यायिक एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल अदालत ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगकर मामले पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।





