आजमगढ़ : हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, 25-25 हजार रुपये का लगा जुर्माना

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दो लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में वर्ष 2023 में हुई थी बेलाल की हत्या
आजमगढ़। हत्या के एक चर्चित मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। न्यायालय के फैसले के बाद दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी शबनम निवासी सदरपुर बरौली थाना फूलपुर ने मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि उसके पुत्र बेलाल ने गांव के ही कासिम और फहीम से दो लाख रुपये उधार लिए थे। उधार की रकम वापस लेने के लिए दोनों आरोपी अक्सर बेलाल पर दबाव बनाते थे और उससे पैसों की मांग किया करते थे। इसी लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। अभियोजन के मुताबिक, 6 नवंबर 2023 की शाम लगभग साढ़े सात बजे कासिम और फहीम बेलाल को गांव के एक ट्यूबवेल के पास ले गए। वहां पहले से ही दोनों ने हत्या की योजना बना रखी थी। आरोप है कि दोनों ने बेलाल पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए तथा गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों कासिम और फहीम के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार शर्मा, ओमप्रकाश सिंह तथा रविंद्र नाथ उपाध्याय ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष कुल सात गवाहों को प्रस्तुत किया, जिनकी गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। दोनों पक्षों की दलीलों और अभिलेखों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा ने आरोपी कासिम तथा फहीम को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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