गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे पति का खुला राज, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
लखनऊ। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या कर शव ठिकाने लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी पति ने पहले पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ में उसका झूठ ज्यादा देर तक छिप नहीं सका। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी ने पत्नी की हत्या कर शव ट्रॉली बैग में भरकर इंदिरा डैम के पास फेंकने की बात कबूल कर ली। मृतका की पहचान 24 वर्षीय यास्मीन पत्नी अल्ताफ उर्फ कल्लू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अल्ताफ उर्फ कल्लू पुत्र मोहम्मद शईद मूल रूप से बाराबंकी जिले के रुदौली क्षेत्र के शफी नगर का रहने वाला है और वर्तमान में चिनहट के रामलीला मैदान के पास रह रहा था। बताया गया कि 14 मई 2026 को आरोपी ने थाना चिनहट पहुंचकर पत्नी के लापता होने की सूचना दी थी। पुलिस जब गुमशुदगी की जांच कर रही थी तो पति के बयान बार-बार बदलने लगे, जिससे उस पर शक गहरा गया। सघन पूछताछ में आरोपी टूट गया और हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी के एक करीबी रिश्तेदार के साथ प्रेम प्रसंग का शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोपी के मुताबिक 4 मई की रात विवाद बढ़ने पर उसने पहले पत्नी का गला दबाया। जब वह पूरी तरह मृत नहीं हुई तो दुपट्टे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को ट्रॉली बैग में रखा और सुबह करीब पांच बजे बैटरी रिक्शा से लेकर जुग्गौर क्षेत्र स्थित इंदिरा डैम के किनारे जंगल में फेंक दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद की जानकारी मिलने पर यास्मीन की मां समझौता कराने पहुंची थीं, लेकिन आरोपी ने उन्हें वापस भेज दिया था। अगले दिन उसने ससुराल पहुंचकर यह झूठी कहानी सुनाई कि यास्मीन किसी युवक के साथ भाग गई है। परिजनों को उसकी बात पर शक हुआ और लगातार पूछताछ करने पर वह वहां से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।






