आजमगढ़ : पत्नी के हत्यारे को नसीब नहीं हुआ अपनों का कंधा

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शादी के 6 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर घर में दफना दिया था शव

3 साल से जूझ रहा था गंभीर बीमारी से, पुलिसकर्मियों ने कराया अंतिम संस्कार
आजमगढ़। जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहां पत्नी की हत्या के मुकदमे में जेल में बंद एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार में कोई सदस्य मौजूद न होने पर पुलिस कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए स्वयं उसका अंतिम संस्कार कराया। जानकारी के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी सूरज गौड़ (25) पुत्र गुलाब गौड़ की वर्ष 2023 में अनीता से शादी हुई थी। शादी के करीब छह माह बाद अनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को घर के कमरे में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर सूरज गौड़ तथा उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सूरज और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि सूरज गौड़ पिछले लगभग तीन वर्षों से गंभीर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित था। बीमारी के चलते उसके फेफड़े बुरी तरह संक्रमित हो चुके थे। पहले उसका इलाज जेल अस्पताल में कराया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी में भी उपचार के लिए भेजा गया। पिछले करीब चार माह से वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। सूरज की मां का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसके पिता अभी भी जेल में बंद हैं। परिवार में कोई भाई-बहन भी नहीं है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन आगे नहीं आया। परिजनों के अभाव में पुलिस कर्मियों ने स्वयं अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर युवक का दाह संस्कार कराया। पुलिस के इस मानवीय कदम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

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