आजमगढ़। तिवारीपुर सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को 'मातृ दिवस' (मदर्स डे) का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा द्वारा मां सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तपक्षात विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत 'मां' शीर्षक पर आधरित समूह नृत्य रहा। इस भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने मां के त्याग और निस्वार्थ प्रेम को दर्शाया, जिसे देखकर वहां मौजूद अभिभावक भावविभोर हो उठे। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और मातृ शक्ति को नमन करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह और सप्रेम भेंट करके सम्मानित किया। मातृ दिवस पर अपने संबोधन में प्रबंधक डीपी मौर्य ने बताया आज का दिन दुनिया के सबसे पवित्र और निस्वार्थ रिश्ते 'माँ' को समर्पित है। 'मातृ दिवस' केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि उस असीम प्रेम, त्याग और करुणा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो एक माँ अपने बच्चों पर न्योछावर करती है। किसी ने ठीक ही कहा है कि "ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते थे, इसलिए उन्होंने माँ बनाई।" एक बालक के लिए उसकी माँ पहली शिक्षक, पहली मित्र और पहली मार्गदर्शक होती है। विद्यालय में हम बच्चों को अक्षर ज्ञान और जीवन के कौशल सिखाते हैं, परंतु संस्कारों की पहली पाठशाला माँ की गोद ही होती है। वह हमें कठिन समय में धैर्य रखना और गिरकर फिर से संभलना सिखाती है।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम अक्सर उन छोटे-छोटे बलिदानों को भूल जाते हैं जो हमारी माताएँ हमारे भविष्य को संवारने के लिए हर दिन करती हैं। एक माँ का साया हमारे जीवन की हर मुश्किल को आसान बना देता है। प्रिय विद्यार्थियों,इस मातृ दिवस पर मैं आपसे यही कहना चाहूँगा कि प्रेम और सम्मान केवल एक दिन के लिए सीमित नहीं होना चाहिए। अपनी माँ का सम्मान करना, उनकी बातों को समझना और उनके प्रति कृतज्ञ रहना ही इस दिन की सच्ची सार्थकता है। आपकी सफलता ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।आज इस मंच से, मैं उन सभी माताओं को नमन करता हूँ जो समाज के निर्माण में एक नींव के पत्थर की तरह अपनी भूमिका निभा रही हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य-शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने बताया आज का हमारा यह कार्यक्रम करने का सिर्फ इतना उद्देश्य था कि आज मातृ दिवस के दिन उन मांओ को सम्मानित किया जाए जो घर पर रहकर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करती है। बच्चों की पहले शिक्षक मां ही होती हैं मैं आज उन सभी मां को नमन करता हूं जिन्होंने अपने बच्चों की भविष्य को संवारा संजोया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में एकेडमिक डायरेक्टर-रामनयन मौर्य, कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, मीनाक्षी अस्थाना, दीपिका सिंह, किशन यादव, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, अजय यादव,राहुल तिवारी, आरोही मोदनवाल, प्रेमा यादव आदि शिक्षक व शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।






