त्याग, स्वाभिमान और वीरता के प्रतीक थे महाराणा प्रताप : विजय बहादुर सिंह, संस्थापक
आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज बाजार में स्थित एसकेडी लोटस वैली स्कूल में शनिवार को महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, विश्वविख्यात साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती तथा मातृ दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने महाराणा प्रताप एवं रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति, संस्कृति और मातृ सम्मान की भावनाओं से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविता, नृत्य एवं मातृ सम्मान से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं और उपस्थित माताओं को सम्मानित किया गया। विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, स्वाभिमान और वीरता के प्रतीक थे, जबकि रवींद्रनाथ टैगोर ने भारतीय साहित्य और संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि मातृ दिवस हमें मां के त्याग, प्रेम और समर्पण का सम्मान करने की प्रेरणा देता है और मां को भारतीय संस्कृति में भगवान से बड़ा दर्जा प्राप्त है मां प्रथम गुरु भी है।। मां के कर्ज सभी कोई ऊबर नहीं सकता। विद्यालय की प्रधानाचार्य अनामिका गांगुली ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के अंदर सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं। कार्यक्रम का संचालन तुहीना हलदर ने किया उन्होंने बच्चों को महान विभूतियों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान नम्रता ,गीतांजलि, अक्सा, अमित, दीपिका, नीरज आदि का योगदान सराहनीय रहा तथा अभिभावकों और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अंत में सभी बच्चों को प्रोत्साहित किया गया तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।






