आज़मगढ़ : सड़क किनारे जमीन बताकर लाखों की ठगी का आरोप, मां-बेटे पर मुकदमा दर्ज

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बैनामा कराने के बाद खुली पोल, पीड़िता बोली- दूसरी जगह की जमीन दिखाकर कराया सौदा

आजमगढ़। जनपद के देवगांव थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सड़क किनारे जमीन बताकर लाखों रुपये लेकर बैनामा कराने और बाद में दूसरी जगह की भूमि निकलने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर मां-बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों ने छल-कपट और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे उन्हें धोखे में रखकर जमीन का सौदा कराया और बड़ी रकम हड़प ली। मामला देवगांव थाना क्षेत्र के लहुवा खुर्द गांव निवासी संजू देवी पत्नी शोभनाथ जायसवाल से जुड़ा है। संजू देवी ने एसीजेएम कोर्ट संख्या-10 आजमगढ़ में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र देकर बताया कि बसही लहुवा कला गांव निवासी विन्दु देवी पत्नी विरेन्द्र कुमार के नाम ग्राम महमदपुर में आराजी संख्या-159 में लगभग 1570 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। आरोप है कि विन्दु देवी ने स्वयं को उक्त जमीन की मालिक बताते हुए उसकी चौहद्दी पल्हना-मेहनाजपुर मार्ग से लगी हुई बताई और संबंधित बैनामे की छायाप्रति भी दिखाई। पीड़िता के अनुसार, वह व्यवसाय के उद्देश्य से जमीन खरीदना चाहती थीं। इसी दौरान विन्दु देवी ने अपनी जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के बाद 64 कड़ी जमीन का सौदा 16 लाख 33 हजार रुपये में तय हुआ। संजू देवी का कहना है कि विपक्षी पक्ष ने आर्थिक जरूरत का हवाला देते हुए पहले बड़ी रकम नगद देने की मांग की। आरोप है कि संजू देवी ने अपने आभूषण बेचकर तथा कुछ रकम उधार लेकर 11 लाख रुपये नगद दिए। इसके बाद शेष 5 लाख 33 हजार रुपये और उपहार स्वरूप अंगूठी के लिए 7 हजार रुपये चेक के माध्यम से दिए गए। प्रार्थना पत्र के मुताबिक 27 मार्च 2024 और 30 मार्च 2024 को दो अलग-अलग चेक विन्दु देवी के पुत्र अक्षय कुमार के नाम जारी किए गए। इसके बाद 30 मार्च 2024 को उप निबंधक कार्यालय पहुंचकर जमीन का बैनामा कराया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बैनामा होने के बाद विपक्षियों ने तहसील लालगंज में खारिज-दाखिल की प्रक्रिया में अपने रिश्तेदारों से आपत्ति भी दाखिल करवा दी, जिससे नामांतरण प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि बाद में उनका नाम खतौनी में दर्ज हो गया, लेकिन इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि विन्दु देवी ने सिविल जज सीडी कोर्ट आजमगढ़ में एक वाद भी दाखिल कर रखा है, जो अभी विचाराधीन है। संजू देवी का कहना है कि जांच-पड़ताल के दौरान उन्हें पता चला कि जिस जमीन को सड़क किनारे बताया गया था, उसकी वास्तविक स्थिति अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल बैनामे की चौहद्दी में पूरब दिशा में “शेखरज” की जमीन दर्ज थी, जिससे स्पष्ट होता है कि खरीदी गई भूमि सड़क पर नहीं बल्कि दूसरी जमीन के पीछे स्थित थी। पीड़िता के अनुसार, विपक्षियों ने जानबूझकर झूठी जानकारी देकर और कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज दिखाकर उनसे अधिक कीमत वसूल ली। पीड़िता ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद आज तक उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है और वह लगातार न्याय के लिए भटक रही हैं। उन्होंने पहले देवगांव थाने में शिकायत दी तथा 13 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को भी रजिस्ट्री के माध्यम से सूचना भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संजू देवी ने न्यायालय की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश पर देवगांव थाने में विन्दु देवी और उनके पुत्र अक्षय कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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