फर्जीवाड़े से ट्रांसफर 1.43 लाख रुपये अभियुक्तों के खातों से सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश
आजमगढ़। थाना कोतवाली क्षेत्र के जिला कारागार के सरकारी खाते से कूटरचना कर निकाली गई धनराशि को वापस कराने के मामले में न्यायालय ने अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अभियुक्तों के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई कुल 1,43,002 रुपये की रकम को पुनः सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। मामले के अनुसार, जिला कारागार अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि रामजीत यादव उर्फ संजय, शिवशंकर उर्फ गोरख, मुशीर अहमद और अवधेश कुमार पाण्डेय ने आपसी साठगांठ कर कार्यालय से चेकबुक प्राप्त की और धोखाधड़ी कर सरकारी धन का गमन कर लिया। इस संबंध में थाना कोतवाली में वर्ष 2025 में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की विवेचना और साक्ष्य संकलन के दौरान यह सामने आया कि फर्जी तरीके से निकाली गई धनराशि अभियुक्तों के अलग-अलग बैंक खातों में शेष या होल्ड के रूप में मौजूद है। इसकी कुल राशि 1,43,002 रुपये पाई गई। इस पर आजमगढ़ पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत कर धनराशि की रिकवरी की मांग की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्तों के खातों से उक्त रकम वापस जिला कारागार के सरकारी खाते में जमा कराने का आदेश पारित किया। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराध और फर्जीवाड़े से अर्जित धन की रिकवरी के लिए आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।






