भीषण सड़क हादसे के बाद बोलेरो में लगी आग, 11 की मौत

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ब्रेक फेल होने से हुई घटना, मुंडन कर लौट रहा परिवार जिंदा जला

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो सवार नौ लोग जिंदा जल गए, जबकि एक स्विफ्ट कार सवार युवक और एक ट्रक के खलासी की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, जिगना थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी अरुण सिंह का परिवार नौ वर्षीय पुत्र शिव का मुंडन कराने मध्य प्रदेश के मैहर गया था। मुंडन कार्यक्रम के बाद परिवार बोलेरो से वापस मिर्जापुर लौट रहा था। इसी दौरान मध्य प्रदेश की ओर से गिट्टी लादकर आ रहे एक ट्रेलर का ब्रेक अचानक फेल हो गया। अनियंत्रित ट्रेलर ने पहले वाराणसी नंबर की स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, जिसमें सोनभद्र निवासी 26 वर्षीय जयप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद ट्रेलर एक ट्रक से जा भिड़ा। इसी बीच पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रेलर से टकरा गई, जिससे जोरदार धमाका हुआ और बोलेरो में आग लग गई। टक्कर के बाद बोलेरो पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि नौ लोग जिंदा जल गए और उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, हादसे में शामिल सभी वाहनों की पहचान कर ली गई है। एक ट्रक बिहार का, दूसरा मध्य प्रदेश का, स्विफ्ट कार सोनभद्र की और बोलेरो मिर्जापुर की है। मृतकों की शिनाख्त के लिए परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी विमलेश ने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को बाहर निकाल पाना संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड और प्रशासन मौके पर देरी से पहुंचे। गौरतलब है कि वाराणसी-रीवा फोरलेन का ड्रमंडगंज घाटी क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। स्थानीय लोग सड़क की खराब डिजाइन और प्रशासनिक लापरवाही को हादसों की बड़ी वजह मानते हैं। यह हादसा एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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