बीए में 59 अंक बढ़ाकर किया था चयन, जांच में खुलासा; वेतन वसूली की भी तैयारी
आजमगढ़। शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी पाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्राथमिक विद्यालय नोनियापुरा (बाछापार), शिक्षा क्षेत्र पन्दह, जनपद बलिया में तैनात प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव को फर्जी अंकपत्र और प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने उनकी नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से ही शून्य मानते हुए यह कार्रवाई की है। सहायक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि ध्रुवनाथ यादव की नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर चयन समिति द्वारा चयनित किए जाने के बाद एक वर्ष के परिवीक्षाकाल पर की गई थी। नियुक्ति के समय उन्होंने नोटरी शपथ पत्र देकर अपनी शैक्षिक एवं प्रशिक्षण उपाधियों को वैध बताया था और यह भी स्वीकार किया था कि प्रमाण पत्र गलत पाए जाने पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी तथा प्राप्त वेतन-भत्ते की धनराशि वापस करनी होगी। बाद में उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) आजमगढ़ मंडल द्वारा जांच कराई गई। जांच के दौरान श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दादर आश्रम, सिकंदरपुर (बलिया) से कराए गए सत्यापन में बड़ा खुलासा हुआ। मानव सम्पदा पोर्टल पर दर्ज बीए के कुल अंक 504 दर्शाए गए थे, जबकि महाविद्यालय के अभिलेखों में यह संख्या 445 पाई गई। इस प्रकार 59 अंक बढ़ाकर फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने की पुष्टि हुई। इसके अलावा बीएड अंकपत्र में भी उत्तीर्ण वर्ष, विद्यालय का नाम और अनुक्रमांक में भिन्नता पाई गई। विभाग द्वारा स्पष्टीकरण का अवसर दिए जाने के बावजूद उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। विभाग अब उनके द्वारा प्राप्त वेतन एवं भत्तों की वसूली की कार्रवाई भी कर सकता है। साथ ही मानव सम्पदा पोर्टल पर अभिलेख सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी जांच की जा रही है।






