हिंदू युवा वाहिनी के आयोजन में सनातन परंपराओं के वैज्ञानिक महत्व पर हुई चर्चा, फाग और पुष्पवर्षा से माहौल हुआ उल्लासमय
आजमगढ़। जनपद के पावन क्षेत्र में बुधवार को हिंदू युवा वाहिनी के तत्वावधान में नव संवत्सर वर्ष 2083 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा/वसंतिक नवरात्रि) एवं होली मिलन के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परंपरा, संस्कृति और उल्लास का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पल्हना ब्लॉक प्रमुख अनुराग सिंह, सठियांव ब्लॉक प्रमुख अरविंद सिंह, अमित राय और रासबिहारी राय सहित हिंदू युवा वाहिनी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संबोधन के दौरान वक्ताओं ने नव संवत्सर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का आधार है। उन्होंने बताया कि हजारों वर्षों से भारतीय पंचांग ही जन्म, विवाह, गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ कार्यों के निर्धारण का आधार रहा है। वक्ताओं ने ऋषि-मुनियों को महान वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि उन्होंने खगोल विज्ञान के माध्यम से विश्व को नई दिशा दी। स्वागत भाषण देते हुए अरुण सिंह साधू ने वेदों के ज्ञान-विज्ञान को महासागर बताते हुए वर्तमान समय में संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। वहीं होली मिलन के दौरान गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा ने पूरे पंडाल को गुलाबी रंग में रंग दिया, जिससे वातावरण और भी उल्लासमय हो गया। समापन के अवसर पर फाग की पारंपरिक धुनों पर पदाधिकारी और कार्यकर्ता जमकर झूमे और नव संवत्सर का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में सांस्कृतिक चेतना, एकता और गौरव का भाव मजबूत हुआ है।





