एसकेडी स्कूल के अखिल पांडे ने पहले ही प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी पद हासिल कर कायम की मिसाल
सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और धैर्य से हासिल की बड़ी सफलता, क्षेत्र में खुशी की लहर
आजमगढ़। जनपद के प्रतिभाशाली युवाओं ने पीसीएस 2024 परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर जनपद का गौरव बढ़ाया है। सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर इन युवाओं ने यह साबित किया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। फूलपुर तहसील के रसूलपुर गांव निवासी अभिषेक कुमार यादव का चयन कमर्शियल टैक्स आॅफिसर (सीटीओ) पद पर हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त की और आगे की पढ़ाई प्रयागराज से पूरी करने के बाद दिल्ली में रहकर तैयारी की। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने नाना-नानी और परिवार के सहयोग को दिया। लालगंज के प्रशांत कश्यप ने असिस्टेंट कमिश्नर पद हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वे वर्तमान में जेएनयू से पीएचडी कर रहे हैं और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, नानी, मामा और गुरुजनों को दिया। उनका मानना है कि जीवन में समाज से मिलने वाली सीख भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किताबों से मिलने वाली शिक्षा। जहानागंज क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी अखिल पांडे ने पहले ही प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी पद हासिल कर मिसाल कायम की। अखिल पांडे ने बताया कि मेरी प्राथमिक शिक्षा एसकेडी विद्या मंदिर धनहुआ से हुई है और इंटर वाराणसी से तथा बीकॉम बी एच यू से किया है। मेरी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ मौसा और मौसी को भी है तथा भैया और भाभी को भी है। मेरे बड़े भैया सुरेश पांडे बैंगलोर में बीटेक करके जाब करते हैं तथा मेरे पिताजी शैलेंद्र पांडे घर पर किसानी करते हैं तथा माता विभा पांडे गृहणी का काम करती है। मेरे पिताजी किसान है लेकिन उन्होंने मेरा हौसला हमेशा बढ़ाते रहे और कहे की बेटा रिजल्ट की चिंता मत करो तुम अपना कर्म करते रहना सफलता जरूर मिलेगी। रानीकीसराय के कोठिया गांव निवासी अनुराग पांडे ने पीसीएस में आठवीं रैंक प्राप्त कर एसडीएम पद हासिल किया। उन्होंने नियमित अध्ययन, नोट्स और इंटरनेट की मदद से तैयारी की। अनुराग पहले ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत थे और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता की प्रेरणा को दिया। वहीं उर्वशी चन्द की प्रारम्भिक शिक्षा जौनपुर तथा बाराबंकी में हुई। उसके बाद लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक में बी टेक किया।पिता की सेवानिवृत्ति के बाद लखनऊ में ही घर से तैयारी की ।बड़ी बहन के पी सी एस जे में सलेक्शन के बाद उनसे प्रेरित हुई।2017 में पिता के कानपुर नगर के जिला जज के पद के रिटायर होने के पांच दिन बाद ही रश्मि चन्द का चयन पी सी एस जे में सलेक्शन हुआ था।उन्हीं से प्रेरणा ले कर कंपटीशन की तैयारी शुरू की।लोक सेवा आयोग में उर्वशी चन्द का यह लगातार सातवां साक्षात्कार था। उर्वशी चन्द ने बताया कि सफलता के लिए सतत प्रयास आवश्यक है।घर पर रह कर भी सफलता हासिल की जा सकती है।उन्हें पिता तथा बड़ी बहन ने लगातार प्रोत्साहित किया।





