सरकार की सख्ती, अब प्रमोशन पर भी रोक लगाने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 68 हजार से अधिक राज्य कर्मचारियों का वेतन फिलहाल रोक दिया है। ये सभी कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि तय समयसीमा के भीतर संपत्ति का ब्योरा न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में आठ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी कार्यरत हैं। शासनादेश के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित सभी चल-अचल संपत्तियों का विवरण 31 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य था। चेतावनी दी गई थी कि समयसीमा का पालन न करने पर जनवरी माह का वेतन फरवरी में रोका जाएगा, जिस पर अब अमल शुरू हो गया है। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से अनिवार्य रूप से संपत्ति विवरण भरवाना सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी कहा गया था कि तय सीमा में विवरण न देने को प्रतिकूल माना जाएगा और एक फरवरी 2025 के बाद होने वाली विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की बैठकों में ऐसे कर्मचारियों के प्रमोशन पर विचार नहीं किया जाएगा।





