प्रत्यक्षदर्शी 21 अक्टूबर तक अधिकारियों के सामने होंगे पेश, देंगे बयान
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 22 सितंबर को हुई तीन लोगों की हत्या और पुलिस की जवाबी कार्रवाई की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर चंद्र प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि 22 सितंबर की शाम करीब पांच बजे अरविंद सिंह ने अपने घर में गायत्री पूजा से क्षुब्ध होकर लाइसेंसी असलहे से पत्नी बबिता, महेंद्र प्रसाद पाठक निवासी इब्राहिमपुर और अखिलेश मिश्रा निवासी आछेपुर छत्तौना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था। सूचना पर जोन और जनपद के पुलिस अधिकारी पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अरविंद को समझाकर आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दे रहा था। 23 सितंबर की रात करीब 12:50 बजे बंद कमरे से गोली चलने और बच्चों के रोने-चीखने की आवाज सुनाई देने पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। दरवाजा टूटते ही अरविंद ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में जो भी ग्रामवासी या प्रत्यक्षदर्शी लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य या बयान देना चाहते हैं, वे 21 अक्टूबर तक किसी भी कार्य दिवस में तहसील स्थित न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।
