दो ज्वेलरी दुकानों में चोरी का खुलासा, 9.3 किलो चांदी के आभूषण बरामद
करीब 20 लाख रुपये के चांदी के जेवर, दो तमंचे, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की अर्टिगा बरामद
आजमगढ़। जिले में ज्वेलरी दुकानों में चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें तीन आरोपी गोली लगने से घायल हुए हैं, जबकि दो को मौके से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से करीब 9.3 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा दो अवैध तमंचे, कारतूस, चोरी में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की सफेद अर्टिगा गाड़ी और ताला-शटर तोड़ने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस की यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान की गई। दोनों घटनाओं के संबंध में थाना निजामाबाद और थाना तरवां में पहले से मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, 24/25 सितंबर 2026 की रात निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा चौक स्थित ओम ज्वेलर्स का शटर तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में निजामाबाद थाने में मुकदमा संख्या 240/2026 के तहत बीएनएस की धारा 305(ए) और 331(4) में अभियोग दर्ज किया गया था। इसी तरह 9 अक्टूबर 2026 को तरवां थाना क्षेत्र के खरिहानी बाजार स्थित वैभव ज्वेलर्स का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। इस मामले में तरवां थाने में मुकदमा संख्या 205/2026 के तहत बीएनएस की धारा 304 और 331(4) में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस टीमें दोनों घटनाओं के खुलासे के लिए प्रयासरत थीं।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 16 अक्टूबर की सुबह करीब 3:10 बजे तरवां थाना क्षेत्र के कम्हरिया-कुर्थियां के पास पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में रामसागर बांसफोर घायल हो गया। इस दौरान निन्ही को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट की सफेद अर्टिगा का पीछा किया। गाड़ी बड़ागांव नहर की पुलिया के पास झाड़ियों में फंस गई। पुलिस के अनुसार, गाड़ी से उतरे आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में सुनील और रमाशंकर घायल हो गए, जबकि अनिल को गिरफ्तार कर लिया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने साक्ष्य भी जुटाए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील पुत्र छोटक, रामसागर बांसफोर पुत्र बेचन बांसफोर, रमाशंकर पुत्र कुबेर बेसल, अनिल पुत्र छोटक और निन्ही पुत्र कन्हैया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुनील और अनिल मिर्जापुर जिले के निवासी हैं, रामसागर और रमाशंकर मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि निन्ही आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र का निवासी है।
बरामदगी में फरिहा स्थित ओम ज्वेलर्स से संबंधित करीब 6.76 किलोग्राम और खरिहानी स्थित वैभव ज्वेलर्स से संबंधित लगभग 2.54 किलोग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा .315 बोर के दो देशी तमंचे, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, दो मिस कारतूस, दो लोहे के रम्मे, एक प्लास, एक पेचकश और एक सुम्भी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने समूह बनाकर ज्वेलरी दुकानों की रेकी करने और रात में शटर व ताले तोड़कर चोरी करने की बात बताई है। आरोपियों ने कथित तौर पर फरिहा की दुकान से चोरी किए गए कुछ आभूषण बेचकर अर्टिगा गाड़ी खरीदने और शेष आभूषणों को बेचने के लिए ले जाने की जानकारी दी है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चोरी, नकबजनी, गृहभेदन, मादक पदार्थ, आयुध अधिनियम और गिरोहबंद गतिविधियों समेत विभिन्न अपराधों में आजमगढ़, मिर्जापुर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों और चोरी की दूसरी घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। दोनों मामलों में बरामदगी और आरोपियों की कथित संलिप्तता के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीमों में तरवां के थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, निजामाबाद के थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह तथा अन्य उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी शामिल रहे।

