रामलीला के मंचन से दिया सत्य की विजय का संदेश, निराश्रित गायों के लिए विद्यार्थियों ने किया रोटी दान
आजमगढ़। करतालपुर बाईपास स्थित जीडी ग्लोबल स्कूल में शनिवार को दशहरा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने मां नवदुर्गा को समर्पित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। श्री हनुमान स्तुति की भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला का सजीव मंचन रहा। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से सत्य, धर्म, त्याग और मयार्दा का संदेश दिया। रामलीला के जरिए दर्शकों को बुराई पर अच्छाई की विजय के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में सेवा-भाव को बढ़ावा देने के लिए 'गौ सेवा सहभागिता' अभियान भी चलाया गया। इसके तहत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने निराश्रित गायों के लिए रोटी दान की। इस पहल के माध्यम से बच्चों को जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और सेवा का महत्व समझाया गया। विद्यालय की निदेशिका स्वाति अग्रवाल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि दशहरा धर्म, मयार्दा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। पूजा-पाठ के साथ माता-पिता की सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और जीवों के प्रति करुणा का भाव ही सच्ची भक्ति को सार्थक बनाता है। प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि विजयादशमी हमें याद दिलाती है कि अंतत: सत्य की ही विजय होती है। बच्चों में सेवा, करुणा और सदाचार के संस्कार विकसित करना इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है। कार्यकारी निदेशक श्रीश अग्रवाल ने कहा कि रावण के दस सिरों का दहन तभी सार्थक है, जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य विकारों का अंत करे। प्रधानाचार्या दीपाली भुस्कुटे ने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारें और ज्ञान के साथ संवेदना, संस्कार तथा सेवा-भाव को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं। समग्र रूप से उत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का संगम बना। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय के संयोजक जीके त्रिपाठी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
