आजमगढ़ में मार्केटिंग कंपनी के अधिकारियों समेत चार पर मुकदमा, 5.10 लाख रुपये बकाया होने का आरोप

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तीन फ्रेंचाइजी खुलवाने के बाद वेतन और प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने का दावा, धमकी देने का भी आरोप
आजमगढ़। मार्केटिंग कंपनी में बिजनेस डेवलपर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे एक व्यक्ति की शिकायत पर कंपनी के मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने कंपनी पर सात महीने का वेतन, यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि समेत कुल 5.10 लाख रुपये बकाया रखने का आरोप लगाया है। इसके अलावा फ्रेंचाइजी संचालकों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने और बकाया रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामले में अभियोग पंजीकृत किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जनपद के मूल निवासी और वर्तमान में आजमगढ़ के लक्षिरामपुर में रहने वाले अंकित कुमार साहू ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्हें एक मार्केटिंग कंपनी बीआईपी स्टोर प्राइवेट लिमिटेड (बेस्ट प्राइस) में एक जनवरी 2026 से बिजनेस डेवलपर मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके लिए 45 हजार रुपये मासिक वेतन और यात्रा भत्ता देने का आश्वासन दिया गया था। तीन महीने के भीतर फ्रेंचाइजी खुलवाने पर 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की बात भी कही गई थी। अंकित के मुताबिक, उन्होंने कंपनी के अधिकारियों के भरोसे पर आजमगढ़ में तीन फ्रेंचाइजी खुलवाईं। आरोप है कि बाद में कंपनी ने फ्रेंचाइजी संचालकों को सामान उपलब्ध कराने में आनाकानी शुरू कर दी। वहीं, उन्हें सात महीने का वेतन, यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी गई। पीड़ित का दावा है कि फ्रेंचाइजी का कारोबार और अपनी साख बचाने के लिए उन्होंने निजी पूंजी से भी सामान की आपूर्ति की, लेकिन उसकी रकम का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित ने कंपनी के मालिक प्रमोद कुमार गिरी उर्फ प्रियांशु गोस्वामी, रीजनल हेड संतोष कुमार शर्मा तथा फ्रेंचाइजी संचालक वीरेंद्र कुमार चौहान और सुनीता वर्मा पर साजिश के तहत धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं। अंकित के अनुसार, उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस और फिर नौ जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। प्रार्थना पत्र में कंपनी के निर्धारित पते पर पहुंचने पर कार्यालय बंद मिलने और वेबसाइट का डोमेन बदल दिए जाने का भी दावा किया गया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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