आजमगढ़ : हाय रे रूपाली, अपनों के पीठ में भी खंजर भोकने में नहीं कांपे हाथ

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पूर्व के साथी ने लगाये गंभीर आरोप, न मिला पैसा, न ही मिली जमीन
आजमगढ़। शहर कोतवाली में 11 सितम्बर को न सिर्फ जमीन दिलाने के नाम पर 5 लाख 30 हजार रूपए धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ बल्कि वादी के अनुसार रूपाली के नाम से जमीन का कारोबार करने वाले गुप्ता बंधुओं ने अपने पूर्व के संबंधों को भी नहीं बख्सा। कहीं न कहीं वादी विरेन्द्र कुमार चौहान की बातें रूपाली के नाम से जमीन का कारोबार करने वाले गुप्ता बंधुओं को कटघरे में खड़ा करते हुए दिखाई दी बल्कि अपने ही पूर्व के कर्मचारी के साथ वादी के अनुसार की गई धोखाधड़ी आपसी संबंधों और मानवता को भी ताक पर रखते हुए प्रतीत हो रही है। 11 सितम्बर को शहर कोतवाली में नरौली निवासी विरेन्द्र कुमार चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में शहर कोतवाली के कुर्मी टोला निवासी व प्रापर्टी डीलिंग का कारोबार करने वाले दिनेश चंद गुप्ता पुत्र पदमाकर गुप्ता व उनके पुत्र अंकित गुप्ता उर्फ यश गुप्ता द्वारा लखनऊ व आजमगढ़ में प्रापर्टी डीलिंग का कारोबार किये जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार 2019 में आरटीजीएस के माध्यम से दिनेश चंद गुप्ता के खाते में साढ़े चार लाख रूपए और बाद में 20 अगस्त 2019 को दिनेश चंद के कहने पर आनंद कुमार के खाते में भेजे जाने का दावा किया गया है। पीड़ित द्वारा दर्ज मुकदमे में यह कहा गया है कि 2019 से दिये गये कुल 5 लाख 30 हजार रूपए के बदले में पिता-पुत्र की जोड़ी द्वारा जमीन दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा लेकिन कुछ समय बीत जाने के बाद जमीन न दिलाए जाने पर जब वादी द्वारा पैसे की मांग की गई तो पिता-पुत्र द्वारा न सिर्फ गाली-गलौज किया गया बल्कि उन्हें मां-बहन की भद्दी-भद्दी गाली दी गई और यह भी कहा गया कि न तुम्हे जमीन देंगे न ही पैसा अगर तुमने ज्यादा इधर-उधर किया तो जान से मारकर खत्म कर देंगे। मामले मे पीड़ित ने बताया कि वह गुप्ता बंधुओं की कपड़े की दुकान पर काम करते थें जिससे उनसे संबंध हो गया था बाद में एक किसी कार्यक्रम में बात-चीत में उन लोगो द्वारा लखनऊ में जमीन दिलाने की बात कही गई, पैसे देने के बाद भी जमीन न देने की धमकी दी जा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में मामला किस करवट बैठता है लेकिन जिस तरह से कुछ महीनों से रूपाली डेवलपर के नाम से जमीन के मामले में विवाद सामने आ रहा है उससे कहीं न कहीं रूपाली व गुप्ता बंधु सवालों के घेरे में हेैं। मई महीने में एक अन्य गुप्ता बंधु रत्नाकर गुप्ता पुत्र पीपी गुप्ता द्वारा रामपुर राजस्व गांव में पूर्व में रजिस्ट्री की गई जमीन पर कब्जा न दिला पाने के बाद खरीददार द्वारा उनकी आफिस रैदोपुर मे जमावड़ा होने के बाद बीस रूपए के स्टैम्प पर इकरारनामा दिया गया कि अगर सितम्बर में जमीन पर कब्जा नहीं दिला पाए तो लोगों का पैसा वापस कर देंगे। अभी यह मामला सवालों में है ही तो इसी बीच पूर्व कर्मचारी द्वारा गुप्ता बंधुओं पर ठगी करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद तरह-तरह के चचार्ओं का बाजार गर्म हो गया है।

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