विदेश में रहने के दौरान दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर कराया गया कथित फर्जी बैनामा
आजमगढ़। जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के नेतपुर निवासी भूलन उर्फ भुलाने की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली आजमगढ़ पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ कथित फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। वादी ने आरोप लगाया है कि करीब 22 वर्ष पहले उसकी अनुपस्थिति में किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसके नाम से बैनामा कराया गया और अब उसी दस्तावेज के आधार पर उसकी जमीन को अपने नाम खतौनी में दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा था। वादी भूलन उर्फ भुलाने पुत्र संहगी, निवासी ग्राम नेतपुर, थाना जहानागंज, आजमगढ़ के अनुसार उसकी भूमिधरी आराजी गाटा संख्या 532, रकबा 0.1040 हेक्टेयर, मौजा बरहतिर जगदीशपुर, तहसील सदर, आजमगढ़ में स्थित है। वह इस जमीन पर अन्य सह खातेदारों के साथ संयुक्त रूप से काबिज-दखील चला आ रहा है और राजस्व अभिलेखों में भी उसका नाम दर्ज रहा है। तहरीर के मुताबिक वादी 28 अगस्त 2003 से 27 जनवरी 2008 तक करीब पांच वर्ष रोजी-रोटी के सिलसिले में मॉरीशस में रहा। वह 28 जनवरी 2008 को भारत वापस आया। वादी का कहना है कि गांव में उसे जानकारी मिली कि कुछ लोग उसकी और अन्य सह खातेदारों की जमीन को अपने नाम खतौनी में दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद वादी ने 12 फरवरी 2026 को संबंधित रजिस्ट्री कार्यालय जाकर दस्तावेजों का मुआयना कराया। आरोप है कि वहां उसे जानकारी हुई कि 3 जून 2004 को उसकी अनुपस्थिति में किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसका फोटो लगाते हुए कथित तौर पर फर्जी एवं कूटरचित बैनामा तैयार और पंजीकृत कराया गया था। वादी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में अन्य सह खातेदारों की जानकारी और सहमति भी नहीं ली गई। तहरीर में बरहतिर जगदीशपुर निवासी जुबेर अहमद पुत्र इब्राहिम, कमाल अहमद पुत्र मोहम्मद सईद, जावेद अहमद तथा जौवाद अहमद पुत्रगण अमीरुद्दीन को आरोपी बनाया गया है। वादी का आरोप है कि आरोपियों ने छल-कपट और बेईमानीपूर्ण तरीके से उसकी मूल्यवान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज तैयार कराकर उसे आर्थिक एवं संपत्ति संबंधी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।आरोप यह भी है कि कथित फर्जी बैनामा को असली दस्तावेज के रूप में राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत कर जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश की गई। वादी के मुताबिक इस प्रक्रिया से उसकी भूमिधरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। वादी ने बताया कि घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 24 फरवरी 2026 को उसने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को भी शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के समक्ष दिए गए प्रार्थना पत्र में वादी ने कोतवाली आजमगढ़ के थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कराने तथा विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश देने की मांग की थी। मामले में न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली आजमगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।




