एसएसपी ने बैठाई जांच, थाना प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण; विधायकों ने कार्रवाई को बताया निंदनीय
बुलंदशहर। औरंगाबाद कस्बे के पूर्व चेयरमैन एवं भाजपा नेता राजकुमार लोधी और उनके छोटे भाई सतीश लोधी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को लेकर पुलिस बैकफुट पर आ गई है। भाजपा नेताओं के विरोध और मामले के तूल पकड़ने के बाद एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में औरंगाबाद थाने में तैनात मुंशी जॉनी और विवेक शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया गया कि करीब छह दिन पहले औरंगाबाद पुलिस ने पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी और उनके छोटे भाई सतीश लोधी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। राजकुमार लोधी ने इस कार्रवाई की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं सांसद डॉ. भोला सिंह समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को दी थी। शनिवार शाम स्याना विधायक देवेंद्र सिंह लोधी और डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह ने एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई को लेकर दिनभर गहमागहमी बनी रही। मामला बढ़ता देख एसएसपी के निर्देश पर देर शाम दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर मुंशी जॉनी और विवेक शर्मा को निलंबित किया गया है। थाना प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले में स्याना विधायक देवेंद्र सिंह लोधी ने पूर्व चेयरमैन पर की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई को निंदनीय बताया। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की। विधायक ने कहा कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे और कार्रवाई वापस कराने की मांग करेंगे। प्रकरण में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और किसी बड़े नेता के दबाव की भी चर्चा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गुंडा एक्ट की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई।




