केक काटकर शिक्षकों को दी शुभकामनाएं, प्रबंधक बोले- शिक्षकों की मेहनत ही विद्यालय की सफलता की असली नींव
विद्यालय की सफलता की असली नींव उसके शिक्षक होते हैं : डीपी मौर्य, प्रबंधक
आजमगढ़। सिधारी क्षेत्र के तिवारीपुर स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य, एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा और कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य समेत अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद छात्रा मैत्री सिंह ने शिक्षक दिवस के महत्व पर भाषण प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में कक्षा पांचवीं के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक दिवस की थीम पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य, एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा, कोऑर्डिनेटर एवं वरिष्ठ शिक्षकों ने संयुक्त रूप से केक काटा। केक कटते ही पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन पूरे विद्यालय परिवार के लिए विशेष है। भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सफलता की असली नींव उसके शिक्षक होते हैं। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें बेहतर इंसान बनने के संस्कार भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज और देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि शिक्षक आज की पीढ़ी को क्या सिखा रहे हैं। प्रबंधन का प्रयास रहता है कि शिक्षकों को ऐसा बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे बिना किसी बाधा के बच्चों के भविष्य को संवार सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करने की अपील की। प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षक दिवस अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उसे जीवन जीने की कला सिखाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के बताए मार्ग पर चलने और उनके प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत, लगन और धैर्य की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, किशन यादव, आरोही मोदनवाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




