महमूदपुर में इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
सीएमओ के निर्देश पर पहुंची टीम ने की कार्रवाई, पंजीकरण व चिकित्सकीय योग्यता समेत अभिलेखों की जांच जारी
आजमगढ़। मार्टीनगंज क्षेत्र के महमूदपुर में उपचार के दौरान एक महिला की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी क्लिनिक को सील कर दिया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक से संबंधित आवश्यक अभिलेखों और संचालक की चिकित्सकीय योग्यता की जांच शुरू कर दी है। महमूदपुर निवासी शकुंतला बुखार से पीड़ित थीं। परिजनों के अनुसार वह उपचार के लिए गांव में संचालित एक निजी क्लिनिक पर गई थीं। आरोप है कि वहां उपचार के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए जौनपुर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने संबंधित क्लिनिक पर पहुंचकर विरोध जताया। मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिलने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. मोहनलाल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी ने अधीक्षक मार्टीनगंज को मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद अधीक्षक मार्टीनगंज स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ महमूदपुर पहुंचे और संबंधित निजी क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब क्लिनिक के पंजीकरण, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता, मरीज के उपचार से संबंधित अभिलेख, दवाओं और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने कहा कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण या निर्धारित मानकों के विपरीत चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालित करने वालों तथा अनधिकृत रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के प्रकरण की जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

