रविवार को 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार शाम तक जारी रहा। तेज बारिश के कारण कई जिलों में कच्चे मकान और पेड़ गिर गए, बिजली के पोल उखड़ गए और सड़कों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में प्रदेशभर में 57 लोगों की मौत की सूचना है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जबकि तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। शनिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिमी, सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिमी बारिश दर्ज की गई। बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। हमीरपुर में 210 मिमी बारिश हुई। वहीं कानपुर में 45 साल का रिकॉर्ड टूटते हुए 175.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से हुए हादसों में सबसे ज्यादा 26 मौतें अवध क्षेत्र के जिलों में हुईं। सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर और अयोध्या में चार-चार, बाराबंकी में तीन, गोंडा में दो तथा अमेठी और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। लखीमपुर खीरी में छह और गोरखपुर में पांच लोगों की जान गई। इसके अलावा हरदोई में चार, हमीरपुर में तीन, कानपुर में दो तथा मैनपुरी में दो मौतें हुईं। महोबा, बांदा, जौनपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद और फतेहपुर में भी बारिश से जुड़े हादसों में मौत की सूचना है। बारिश के कारण कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम बताया गया है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सोमवार से बारिश में कमी आने की संभावना है। खराब मौसम का असर हवाई और रेल यातायात पर भी पड़ा। वाराणसी में एयर इंडिया की एक उड़ान निरस्त रही, जबकि पटना जाने वाली दो उड़ानों को वाराणसी डायवर्ट किया गया। लखनऊ आने वाली पांच उड़ानों को दिल्ली और एक को नोएडा डायवर्ट किया गया। रायबरेली में ऊंचाहार-फाफामऊ रेलखंड पर अरखा और परियावां स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। सुबह करीब पांच बजे पेड़ हटाए जाने के बाद यातायात बहाल किया गया। बस्ती में भी गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से रेल परिचालन प्रभावित रहा। लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रयागराज, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में सैकड़ों बीघे धान की फसल गिर गई। हमीरपुर में खेतों में बोई गई तिल की फसल पानी में डूब गई। इससे किसानों को फसल खराब होने की आशंका है।

