अखिलेश ने इस सीट पर घोषित किया अपना प्रत्याशी

Youth India Times
By -
0

 


ब्राह्मण सम्मेलन में मंच से दिया बड़ा राजनीतिक संदेश, 2027 चुनाव की तैयारियों में जुटी सपा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी संस्थापक जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ में आयोजित प्रबुद्ध (ब्राह्मण) सम्मेलन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पवन पांडेय इस बार अयोध्या विधानसभा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले सार्वजनिक मंच से दिया गया यह बयान अयोध्या सीट से पवन पांडेय की संभावित उम्मीदवारी पर लगभग मुहर के रूप में देखा जा रहा है। सपा इस सम्मेलन के जरिए अपने पारंपरिक 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण का विस्तार करते हुए ब्राह्मण और अन्य सवर्ण मतदाताओं को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर मजबूत चेहरा सामने लाकर पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी संदेश देने के साथ ही भाजपा को भी राजनीतिक चुनौती देने का प्रयास किया है। तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय सपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और उन्हें अखिलेश यादव की कोर टीम का सदस्य माना जाता है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अयोध्या (तत्कालीन फैजाबाद) सीट से जीत दर्ज कर भाजपा नेता लल्लू सिंह को पराजित किया था। इसके बाद अखिलेश सरकार में उन्हें मनोरंजन कर राज्य मंत्री तथा बाद में वन राज्य मंत्री का दायित्व मिला। पवन पांडेय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वर्ष 2004 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष भी चुने गए थे। वर्तमान में वह राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर लगातार सवाल उठाते हुए पार्टी का पक्ष प्रमुखता से रख रहे हैं।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)