ऊदपुर उपकेंद्र से जुड़े गांवों में जर्जर तार, ओवरलोडिंग और बिजली चोरी की शिकायतें; निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट : हर्ष चन्देल
फूलपुर (आजमगढ़)। विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र ऊदपुर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति, फाल्ट दुरुस्तीकरण, मीटर रीडिंग और बकाया वसूली जैसे कार्यों में लाइनमैन व मीटर रीडरों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क लेने के भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऊदपुर उपकेंद्र से करीब आठ से दस किलोमीटर की परिधि में अम्बारी, हाजीपुर, मकसुदिया, ओरिल, मख्खापुर, लोनियाडीह, हथनौरा, सरैया भटपुरा और इब्राहिमपुर समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। ग्रामीणों के मुताबिक कई स्थानों पर बिजली के तार जर्जर और ढीले हैं। कुछ जगहों पर तारों को ईंट आदि के सहारे टिकाए जाने की स्थिति भी बताई गई है। इसके अलावा जर्जर ट्रांसफार्मर और बढ़ते विद्युत भार की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक लोड होने के बावजूद क्षमता वृद्धि अथवा नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विभाग की ओर से बिजनेस प्लान का हवाला दिया जाता है। वहीं, कुछ मामलों में सुविधा शुल्क मांगने की शिकायतें भी सामने आने का दावा किया गया है। कुछ लाइनमैनों पर बाईपास के जरिए बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई में पक्षपात करने का आरोप है। वहीं, मीटर रीडरों पर अधिक बिल आने के बाद उसे ठीक कराने के नाम पर धन मांगने की शिकायतें भी ग्रामीणों ने की हैं। टेवगा गांव से संबंधित एक ऑडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद मामला निपटाने के लिए धन की मांग किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने टेवगा, सदरपुर बरौली, लोनियाडीह, नेवादा, मानपुर, मुंडियार और शतुवहिया समेत अन्य गांवों में विद्युत खपत और स्वीकृत भार की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आकस्मिक निरीक्षण कर विद्युत चोरी, ओवरलोडिंग और कर्मचारियों पर लगाए जा रहे सुविधा शुल्क के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अधिशासी अभियंता आरके पांडेय ने कहा कि शिकायतें मिलती हैं, लेकिन उनके समर्थन में साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाते। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी अथवा स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।






