आजमगढ़ : सड़ गई 25 बीघे धान की फसल

Youth India Times
By -
0

 


जल निकासी की अनदेखी से किसानों पर पड़ी दोहरी मार, दोबारा रोपाई को मजबूर
किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप, पैदावार घटने की आशंका
रिपोर्ट : आरपी सिंह
आजमगढ़। जनपद के फूलपुर तहसील क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने का खामियाजा किसानों को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। लगातार जलभराव के कारण कई स्थानों पर धान की फसल सड़ गई है, जिससे किसान दोबारा रोपाई कराने के लिए विवश हैं। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर गया है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। सुदनीपुर गांव में हाल की बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। किसानों के अनुसार करीब 25 बीघे क्षेत्र में लगी धान की पौध जलभराव के कारण गल गई। लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से समय पर खाद और कीटनाशकों का प्रयोग भी नहीं हो सका, जिससे फसल की बढ़वार रुक गई। अब किसान अतिरिक्त मजदूरी और खर्च उठाकर खराब हो चुके पौधों की जगह नई रोपाई कराने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते खेतों से पानी निकाल दिया जाता और खाद का प्रयोग समय पर हो जाता तो फसल की स्थिति बेहतर होती। उनका कहना है कि धान का एक स्वस्थ पौधा उचित देखभाल मिलने पर कई नई कलमें (टिलर) निकालता है, लेकिन जलभराव और पोषक तत्वों की कमी के कारण पौधों का विकास प्रभावित हो गया है। इससे इस वर्ष उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि जल निकासी की समस्या वर्षों से बनी हुई है। कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि उन्हें एक ओर दोबारा रोपाई पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर पैदावार कम होने का भी खतरा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के किसानों को और अधिक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने और हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)