पीड़ित ने छ: आरोपियों के खिलाफ दर्ज करवाया मुकदमा
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र में फर्जी खतौनी दिखाकर 35 लाख रुपये की कथित ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार अतरौलिया थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर पवनी निवासी दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2019 में परिचित अमरजीत यादव के माध्यम से उनकी मुलाकात शोभनाथ सेठ, सुधीर सेठ, इन्द्रभूषण सोनी, मुन्नीलाल शर्मा और दुर्गेश यादव से हुई। आरोप है कि इन लोगों ने ग्राम मेहियापार स्थित गाटा संख्या 193 की जमीन को शोभनाथ सेठ के नाम दर्ज बताते हुए उसकी खतौनी दिखाई और जमीन बेचने का भरोसा दिलाया। पीड़ित के मुताबिक, 24 फरवरी 2020 को उन्होंने यूनियन बैंक के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से 19 लाख रुपये शोभनाथ सेठ के खाते में भेजे। इसके बाद 4 सितंबर 2020 को 10 लाख रुपये तथा 5 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये नकद दिए गए। 6 सितंबर 2020 को एक एग्रीमेंट भी कराया गया, लेकिन कई बार कहने के बावजूद आरोपितों ने जमीन का बैनामा नहीं किया। दुर्गेश पाण्डेय का आरोप है कि जब उन्होंने राजस्व अभिलेखों की जांच कराई तो पता चला कि संबंधित गाटा शोभनाथ सेठ के नाम दर्ज ही नहीं है, बल्कि अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज है। उनका कहना है कि आरोपितों ने फर्जी इलेक्ट्रॉनिक खतौनी तैयार कर उन्हें दिखाकर 35 लाख रुपये हड़प लिए। रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




