दो नाबालिगों की अभिभावकों की मौजूदगी में काउंसलिंग, सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने "ऑपरेशन वज्रपात" के तहत सोशल मीडिया पर गैंग संस्कृति और दबंगई का प्रदर्शन करने वाले युवकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा युवाओं में बढ़ रही गैंग संस्कृति पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ युवक इंस्टाग्राम पर विभिन्न आईडी बनाकर समूह में क्षेत्र में घूमते हैं और अपनी गतिविधियों का प्रदर्शन करते हैं, जिससे आमजन में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है। जांच के दौरान पुलिस ने तीन युवकों की पहचान की, जिनमें कुन्दीगढ़ निवासी 20 वर्षीय मो. इरफान, 17 वर्षीय मो. अरमान तथा पहाड़पुर तकिया निवासी 15 वर्षीय मो. दानिश शामिल हैं। पुलिस ने मो. अरमान और मो. दानिश के नाबालिग पाए जाने पर उन्हें उनके अभिभावकों एवं बाल कल्याण अधिकारी की उपस्थिति में थाना परिसर बुलाया। इस दौरान दोनों की काउंसलिंग की गई तथा उन्हें कानून-व्यवस्था, यातायात नियमों और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उन्हें सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करने की अपील की। वहीं, इंस्टाग्राम आईडी "kamine sarkar 315" संचालित करने वाले मो. इरफान के विरुद्ध धारा 126/135/170 बीएनएस के तहत चालान की कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भय का माहौल बनाने या गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





