सिकरौरा के ग्रामीणों ने कहा— मुकदमा विचाराधीन होने के बावजूद भूमाफिया मिट्टी गिराकर कर रहे कब्जे की कोशिश, सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
आजमगढ़। सदर तहसील क्षेत्र के सिकरौरा गांव के कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जे के प्रयास और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गाटा संख्या 361 और 411 को लेकर वर्षों से न्यायालय में मुकदमा चल रहा है, जिसमें उनके पक्ष में आदेश भी हो चुका है। हालांकि, मामला वर्तमान में राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, भूमि की कीमत अधिक होने और प्रमुख स्थान पर स्थित होने के कारण कुछ लोगों की नजर इस जमीन पर है। आरोप है कि मुकदमा वापस लेने के लिए आए दिन दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया तो 10 जून की रात करीब 10 बजे कुछ लोग विवादित भूमि पर जबरन मिट्टी गिराने लगे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि पुलिस-प्रशासन पर उनका प्रभाव है। घटना की सूचना तत्काल यूपी-112 को भी दी गई। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मुकदमे के अंतिम निस्तारण तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण या कब्जे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा उनके जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संबंधित मुकदमों और न्यायालय के आदेशों की प्रतियां भी संलग्न की हैं। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।





