आजमगढ़ : विदेश में युद्ध की भेंट चढ़ा जनपद का युवक

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डीएनए जांच से हुई पहचान, डेढ़ साल बाद कंकाल पहुंचा घर

सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाया गया था अजहरुद्दीन
आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के गुलामीपुर निवासी अजहरुद्दीन पुत्र स्वर्गीय मैनुद्दीन का कंकाल गुरुवार की शाम उसके पैतृक आवास पहुंचने से परिवार में कोहराम मच गया। करीब डेढ़ वर्ष पहले नौकरी के नाम पर रूस गए अजहरुद्दीन के युद्ध में लापता होने की सूचना मिली थी। अब उसकी पहचान होने के बाद अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जनवरी 2024 में कुछ लोगों ने अजहरुद्दीन को रूस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर वहां भेजा था। रूस पहुंचने के बाद उसे करीब एक महीने तक कोई काम नहीं दिया गया। इसके बाद उसे सैन्य प्रशिक्षण दिया जाने लगा। जब उसने प्रशिक्षण का कारण पूछा तो बताया गया कि युद्ध की स्थिति को देखते हुए यह उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। प्रशिक्षण के कुछ समय बाद रूस से परिजनों को सूचना मिली कि अजहरुद्दीन युद्ध के दौरान घायल होकर लापता हो गया है। इसके बाद उसका भाई रूस गया और पहचान के लिए डीएनए नमूना देकर वापस लौटा। करीब दस दिन पहले परिवार को सूचित किया गया कि अजहरुद्दीन का शव बरामद हो गया है और उसकी पहचान डीएनए जांच से सुनिश्चित कर ली गई है। गुरुवार शाम करीब 7:15 बजे अजहरुद्दीन के अवशेष शहर कोतवाली क्षेत्र के गुलामीपुर स्थित उसके आवास पहुंचे। कंकाल पहुंचते ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार (दफन) किया जाएगा। इस घटना के बाबत जब शहर कोतवाली पुलिस बात की गई तो उन्होंने इस तरह की किसी भी घटना बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया।

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