आजमगढ़ : लेखपाल पर धनउगाही व पक्षपात का आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग

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भूमि पैमाइश, कब्जे के विवाद और रिपोर्ट लंबित रहने से बढ़ा तनाव; लेखपाल को हटाने की उठी मांग

आजमगढ़। जनपद के निजामाबाद तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा गौरा में भूमि विवाद और पैमाइश को लेकर ग्रामीणों का असंतोष खुलकर सामने आया है। गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर हल्का लेखपाल ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी पर पक्षपात, धनउगाही और कार्यों में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्हें ग्राम गौरा से हटाकर किसी अन्य लेखपाल की तैनाती की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 100 व 101 की भूमिधरी भूमि और सहन आबादी पर कुछ दबंगों को कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है। प्रार्थिनियों का कहना है कि उनके पति रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग लेखपाल की मिलीभगत से दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते कार्रवाई न हुई तो गांव में शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं ग्राम गौरा निवासी संतकुमार उर्फ मोती उर्फ छोटेलाल ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गाटा संख्या 91क व 91ख की भूमि पर कब्जे को लेकर उन्होंने 16 मई 2026 को शिकायत की थी। उनके अनुसार 31 मई को कानूनगो ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश भी की और सभी पक्ष उस पैमाइश से सहमत रहे, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। उनका कहना है कि रिपोर्ट लंबित रहने से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। एक अन्य प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेखपाल द्वारा पैमाइश और राजस्व संबंधी कार्यों में मनमानी की जाती है तथा बिना धन लिए कार्य नहीं किया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में उपजिलाधिकारी के आदेश पर नायब तहसीलदार द्वारा जांच भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने, लंबित रिपोर्ट प्रस्तुत कराने तथा ग्राम गौरा में शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। साथ ही लेखपाल ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को ग्रामसभा से हटाकर किसी अन्य लेखपाल की तैनाती किए जाने की भी मांग उठाई है।

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