कूटरचना, अनधिकृत प्रमाण पत्र जारी करने और अधिकार क्षेत्र से बाहर हस्ताक्षर करने के आरोप सही पाए जाने पर हुई कार्रवाई
आज़मगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के लिए अपर आयुक्त (प्रशासन), आजमगढ़ मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) संजीव ओझा ने बताया कि पहाड़पुर मोहल्ले में नामांतरण प्रक्रिया के दौरान अधिशासी अधिकारी की टिप्पणी पर व्हाइटनर का प्रयोग कर कथित रूप से कूटरचित कार्रवाई करने, बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अदेयता प्रमाण पत्र जारी करने तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण एवं लोक शिकायतों के निस्तारण संबंधी मामलों में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर हस्ताक्षर करने के आरोप लगाए गए थे। यह शिकायत सभासद आनंद देव उपाध्याय और महेंद्र यादव द्वारा की गई थी। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद जिलाधिकारी ने 23 मार्च को शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धर्मवीर सोनी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही उनका संबद्धीकरण निदेशक, नगर निकाय निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के कार्यालय से किया गया है।





