आज़मगढ़ : अवैध खनन का खेल तेज

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जेसीबी से हो रही मिट्टी की खुदाई, नदी किनारों से बलुई मिट्टी निकालकर भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप

रिपोर्ट : आरपी सिंह
फूलपुर (आजमगढ़)। स्थानीय तहसील क्षेत्र में कथित रूप से खनन विभाग की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। गांव-गांव जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर डंपरों के माध्यम से उसकी बिक्री किए जाने का आरोप है, जबकि तहसील प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि ईंट उद्योग में प्रयोग होने वाली पीली बलुई मिट्टी नदी किनारों से बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों के जरिए निकालकर ईंट भट्ठों तक पहुंचाई जा रही है। खनन माफियाओं की सक्रियता इस कदर बढ़ गई है कि भट्ठों के नाम पर खनन की अनुमति लेकर मिट्टी को 2500 से 3500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। तहसील क्षेत्र के भेड़िया, पल्थी, खानजहांपुर, पलिया, कटार, चकिया, हरैया, शतुवहिया, लोनियाडीह, सरैया, पाकड़पुर, बरामदपुर, नाहरपुर, शमसाबाद, महुवारा, अंजान, बूढ़ापुर, बदल और भड़रिया समेत कई गांवों व सीमावर्ती इलाकों में नदी-नालों के किनारे अवैध खुदाई का कार्य धड़ल्ले से जारी होने की बात कही जा रही है। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की टीम कार्रवाई करती है, लेकिन कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण और उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो जाती है। खनन माफियाओं के बीच प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि वे एक-दूसरे की गतिविधियों की सूचना भी अधिकारियों को लगातार दे रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में तैनात उपजिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर ने कहा कि बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उद्देश्य के लिए खनन की अनुमति दी गई है, उसी कार्य में उसका उपयोग होना चाहिए। अन्यत्र मिट्टी गिराते या परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित धाराओं में वाहन सीज किए जाएंगे।

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