इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
आजमगढ़। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट अलंकार के तहत निर्धारित समय सीमा में विद्यालयों की सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड न किए जाने के मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने कड़ा रुख अपनाया है। विभागीय लापरवाही के कारण जनपद को प्रदेश स्तरीय मूल्यांकन में 'डी' श्रेणी प्राप्त होने पर दस राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के एक पटल सहायक का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत निर्धारित वेबसाइट पर समय से सूचनाएं अपलोड नहीं की गईं। इसके चलते जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई और समीक्षा में आजमगढ़ को डी श्रेणी प्राप्त हुई, जिसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है। बताया गया कि मंडलीय स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में डीआईओएस ने संबंधित सभी प्रधानाचार्यों एवं पटल सहायक का मई 2026 के वेतन से अग्रिम आदेशों तक भुगतान रोकने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई की जद में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजमतगढ़, बगवार, देवगांव, खराटी, असवनियां, रसूलपुर, सरायमीर, कटघर लालगंज, रैसिंगपुर तथा अभिनव विद्यालय तेरही के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्याएं शामिल हैं। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक (पटल सहायक) सोमनाथ लाखी पर भी कार्रवाई की गई है। डीआईओएस ने अपने आदेश में कहा है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य में शिथिलता के कारण विभाग तथा कार्यालय की छवि धूमिल हुई है। सभी को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी-अपनी संस्थाओं से संबंधित सूचनाएं प्रोजेक्ट अलंकार पोर्टल पर तत्काल अपलोड करना सुनिश्चित करें। भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अकर्मण्यता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की होगी। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और संबंधित विद्यालयों में लंबित सूचनाओं को शीघ्र अपलोड कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।






