आज़मगढ़। जिले में सोशल मीडिया अलर्ट के आधार पर पुलिस की तत्परता ने एक 19 वर्षीय युवती की जान बचा ली। थाना सिधारी क्षेत्र की रहने वाली युवती ने पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव में आकर इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट कर दिया और अत्यधिक मात्रा में दवाइयाँ खा लीं। घटना की जानकारी 3 अप्रैल 2026 की रात 10:18 बजे मेटा कंपनी द्वारा सोशल मीडिया सेंटर को भेजे गए अलर्ट से मिली। अलर्ट मिलते ही उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने युवती की लोकेशन ट्रेस की और तुरंत सिधारी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम महज 8 मिनट में मौके पर पहुंच गई। उस समय युवती बेहोश हो चुकी थी। पुलिस ने परिजनों की मदद से तत्काल एंबुलेंस के जरिए उसे नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां समय रहते उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। स्वास्थ्य लाभ के बाद युवती ने बताया कि पारिवारिक विवाद और अकेलेपन के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस द्वारा उसकी काउंसलिंग भी की गई, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का भरोसा दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे संवेदनशील अलर्ट पर पुलिस पूरी गंभीरता से तत्काल कार्रवाई करती है। समयबद्ध रिस्पॉन्स के कारण एक अनमोल जीवन बचाया जा सका। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच 2022 से लागू इस व्यवस्था के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट पर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। 1 जनवरी 2023 से 31 मार्च 2026 तक ऐसे अलर्ट के आधार पर प्रदेश में 2427 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।






