अनियमितताओं के चलते लाइसेंस निलंबित, कई पर खरीद-बिक्री पर रोक
आजमगढ़। जनपद में औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा द्वारा जांच के दौरान पाई गई गंभीर कमियों के आधार पर 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही इनमें से कुछ प्रतिष्ठानों पर निर्धारित अवधि के लिए दवा खरीद-बिक्री पर रोक भी लगा दी गई है। औषधि निरीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में किए गए निरीक्षण के दौरान संबंधित औषधि प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन, रिकॉर्ड में अनियमितता तथा अन्य खामियां पाई गई थीं। इसके आधार पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), आजमगढ़ मंडल द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत मेसर्स द चार्विक फार्मा, दलसिंगार नगर (सदर) तथा मेसर्स भागीरथी फामेर्सी, लाल डिग्गी (एलवल) के लाइसेंस को 10 दिनों के लिए निलंबित करते हुए इस अवधि में दवा क्रय-विक्रय पर पूर्णत: रोक लगा दी गई है। वहीं, अन्य प्रतिष्ठानों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए मेसर्स श्री संकट मोचन फार्मास्यूटिकल्स (जीयनपुर), मेसर्स माँ सरस्वती मेडिकल एजेंसी (जगदीशपुर), मेसर्स ए टू जेड मेडिकल हाल (परशुरामपुर, जमालपुर) तथा मेसर्स ए.बी. मेडिकल स्टोर (अतरौलिया) के लाइसेंस को अग्रिम आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में दवाओं की गुणवत्ता एवं बिक्री व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। औषधि विभाग की इस कार्रवाई से जनपद के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आम जनता के हित में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।





