मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक व प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित, अभिभावकों में दिखा उत्साह
आजमगढ़। सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, एलवल में रविवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम-2026 घोषित किया गया, जो शत-प्रतिशत रहा। इस सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों के अथक परिश्रम तथा छात्र-छात्राओं के निरंतर अध्ययन को दिया गया। परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रशांत चन्द्रा, आवासीय प्रबंधक प्रद्युम्न जायसवाल, अनिरूद्ध जायसवाल, प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव, उप-प्रधानाचार्य तरणी श्रीवास्तव, समन्वयक धीरेन्द्र भारद्वाज एवं मोना सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इस अवसर पर प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ मंच पर बुलाकर पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रमुख परिणामों में कक्षा द्वितीय से अयांक जायसवाल (98.39%) प्रथम, सिया वर्मा (98.27%) द्वितीय एवं सूर्यांश शर्मा (98.13%) तृतीय रहे। कक्षा तृतीय में समृद्धि राय (93%) प्रथम, अनुराग वर्मा (90.82%) द्वितीय एवं अनुष्का शर्मा (90.06%) तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा चतुर्थ में तेजस पांडेय (98.14%), सिद्धांत यादव (98.08%) और श्रेष्ठ वर्मा (97.19%) ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा पंचम में स्पर्श कुमार राय (96.72%), कृतिका सिंह (96.71%) और तेजस सिंह (95.81%) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जूनियर वर्ग में कक्षा छठवीं से एंजल अग्रवाल (98.96%), परी अग्रवाल (98.74%) और प्रगति राय (95.83%) शीर्ष स्थान पर रहीं। कक्षा सातवीं में नैतिक नाथ (98.1%), मानसी शर्मा (96.88%) और श्रुति सोमवंशी (96.75%) ने स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा आठवीं में संगिनी राज (99.5%) ने प्रथम स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग में कक्षा नौवीं से अभिनव परिहार (97.8%), पृथ्विका राय (97.1%) एवं अलिशा यादव (97%) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कक्षा ग्यारहवीं गणित वर्ग में श्रीजी अग्रवाल (91.4%), अभय प्रताप (90.1%) एवं रितेश गुप्ता (87.7%) तथा जीव विज्ञान वर्ग में श्रेयश पालीवाल (92.9%), सलोनी सोनकर (91.4%) एवं अथर्व सिंह (89.7%) ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं, जिन्हें सही दिशा देकर सशक्त बनाना शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अंक केवल प्रयास का परिणाम हैं, भविष्य का अंतिम निर्धारण नहीं। उन्होंने अभिभावकों से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा करते हुए सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।






