गजट अधिसूचना में पिछड़ा वर्ग का अलग कॉलम शामिल न होने पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
सटीक आंकड़ों के बिना सामाजिक न्याय और नीतियों का वैज्ञानिक निर्धारण संभव नहीं : धर्मेंद्र यादव
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक व सांसद Dharmendra Yadav ने बुधवार को संसद में जातीय जनगणना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का निर्णय सामाजिक, वास्तविक तथा आर्थिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके बाद जारी अधिसूचना में पिछड़ा वर्ग से संबंधित कोई भी पृथक कॉलम शामिल नहीं किया जाना अत्यंत आश्चर्य और चिंता का विषय है। सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यदि जातिगत जनगणना में ही पिछड़ी जातियों का स्पष्ट वर्गीकरण नहीं होगा तो पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ही संदिग्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग देश की सबसे बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इनके सटीक आंकड़ों के बिना न तो नीतियों का वैज्ञानिक निर्धारण संभव है और न ही सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति सामाजिक न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है। धर्मेंद्र यादव ने सरकार से मांग की कि गजट अधिसूचना में ओबीसी कॉलम को शामिल न किए जाने को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण दिया जाए और इसे संशोधित कर पिछड़ा वर्ग का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए, ताकि जातिगत जनगणना का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।







