दुबई में अमेरिकन एयरबेस के पास विस्फोट, मुबारकपुर के सुनील सुरक्षित
आजमगढ़। जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर अमिलो निवासी सुनील कुमार खाड़ी देश दुबई में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वह जुलाई 2024 में रोज़गार के सिलसिले में दुबई गए थे और वहां अमेरिकन एयरबेस के समीप रहकर काम करते हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए मिसाइल हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई। शनिवार को काम खत्म कर सुनील जैसे ही बस से उतरकर अपने कमरे में पहुंचे, उसी दौरान एयरबेस के पास विस्फोट हो गया। जिस बस से वह आए थे, वह विस्फोट की चपेट में आकर जल गई। गनीमत रही कि सुनील और उनके साथी बाल-बाल बच गए। सुनील की मां गीता देवी और चाचा रवि प्रकाश ने बताया कि रविवार सुबह लगभग 11 बजे सुनील का फोन आया था। उसने परिजनों को आश्वस्त किया कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की कोई बात नहीं है। सुनील ने बताया कि वहां की सरकार की ओर से मोबाइल फोन पर पहले ही अलर्ट मैसेज भेज दिया जाता है और सायरन बजने लगता है, जिससे लोग तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण ले लेते हैं। फिलहाल खुले आसमान के नीचे बाहर निकलने पर रोक है और सभी को सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। बेटे की सुरक्षा को लेकर मां गीता देवी चिंतित हैं। आसपास के रिश्तेदार भी लगातार फोन कर हालचाल ले रहे हैं। इसी बीच, मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात का असर सरायमीर क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। सरायमीर के मीर हसन मोहल्ला निवासी मौलाना सैय्यद इंतेजार मेहंदी और पठान टोला निवासी मौलाना सैय्यद राकिब हुसैन ईरान के कुम शहर में रहकर पढ़ाई के साथ शिक्षण कार्य भी करते हैं। शनिवार देर शाम तक दोनों की अपने परिवारों से बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन लगातार फोन और अन्य माध्यमों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, मगर नेटवर्क बाधित होने के कारण बात नहीं हो पा रही है। मौलाना इंतेजार मेहंदी के भतीजे हसन बाकर ने बताया कि बृहस्पतिवार को बातचीत के दौरान सब कुछ सामान्य था, लेकिन शनिवार सुबह से अचानक संपर्क टूट गया। वहीं राकिब हुसैन के परिजन अबान हैदर ने भी बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद बात नहीं हो सकी है। इससे परिवारजन किसी अनहोनी की आशंका से व्याकुल हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम सक्रिय है। यदि इस संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसे तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन के पास इस तरह की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।







