आकस्मिक निरीक्षण में 22.90 कुन्तल गेहूं व 67.16 कुन्तल चावल कम, ई-पॉस मशीन व 102 बोरी चावल जब्त
कार्डधारकों ने लगाया कम राशन देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप
आजमगढ़। तहसील सदर क्षेत्र के विकास खंड जहानागंज अंतर्गत ग्राम पंचायत इदिलपुर में उचित दर दुकान के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की कमी पाए जाने पर कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार 23 फरवरी को ग्राम पंचायत इदिलपुर के एक कार्डधारक द्वारा दूरभाष पर की गई शिकायत के क्रम में पूर्ति निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने उचित दर विक्रेता दशरथ राजभर की दुकान का औचक निरीक्षण किया। दुकान चौधरी चरण सिंह किसान इंटर कॉलेज के सामने स्थित है। निरीक्षण के समय विक्रेता मौके पर मौजूद मिला, लेकिन स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सका। गोदाम की जांच में केवल 102 बोरी चावल पाया गया, जबकि वितरण हेतु गेहूं भी उपलब्ध होना चाहिए था। मौके पर मौजूद 102 बोरी चावल का कुल वजन बोरे सहित 51.33 कुन्तल पाया गया। जूट के बोरे का वजन घटाने पर शुद्ध चावल 50.78 कुन्तल निकला। कार्यालय में पीडीएस रिपोर्ट के परीक्षण के अनुसार 23 फरवरी तक विक्रेता के स्टॉक में कुल 22.90 कुन्तल गेहूं, 117.94 कुन्तल चावल तथा 0.03 कुन्तल चीनी उपलब्ध होना चाहिए था। जांच में गेहूं पूरी तरह गायब पाया गया तथा चावल में 67.16 कुन्तल की कमी मिली। कुल मिलाकर 22.90 कुन्तल गेहूं और 67.16 कुन्तल चावल कम पाया गया, जो गंभीर अनियमितता मानी गई। मौके पर मौजूद 69 पात्र गृहस्थी तथा 6 अंत्योदय कार्डधारकों ने बयान दिया कि फरवरी माह में उनसे ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया गया। मुख्य शिकायतकर्ता उज्ज्वल चौहान ने आरोप लगाया कि कोटेदार मशीन और कांटा लेकर घर-घर अंगूठा लगवाता है तथा ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। दुकान पर विभागीय सूचनाओं का पूर्ण प्रदर्शन भी नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान 102 बोरी चावल, ई-पॉस मशीन, कांटा, आयरिस स्कैनर व चार्जर को पड़ोसी ग्राम पंचायत कुंजी के उचित दर विक्रेता श्री लालजी चौहान की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखवाया गया है, जिन्हें सक्षम अधिकारी या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर कोटेदार दशरथ राजभर, निवासी ग्राम पंचायत इदिलपुर, विकास खंड जहानागंज के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।





