जिलाधिकारी के निर्देश पर छापेमारी, अवैध भंडारण का खुलासा; आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज
आजमगढ़। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गैस एजेंसियों, गोदामों और संभावित अवैध भंडारण स्थलों पर लगातार औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन में गठित संयुक्त जांच टीम ने लालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत श्रीकांतपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का खुलासा किया। टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान धीरेन्द्र तिवारी पुत्र रामयाद तिवारी के आवास पर घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों का भारी मात्रा में अवैध भंडारण पाया गया। जांच के दौरान मौके पर मौजूद व्यक्ति से जब सिलेंडरों के भंडारण और विक्रय से संबंधित अभिलेख मांगे गए, तो वह कोई वैध दस्तावेज या स्टॉक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों के अनुसार, बिना लाइसेंस के इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों का संग्रहण इस बात का संकेत है कि उन्हें उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर बेचने की मंशा से रखा गया था, जो द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश-2000 (संशोधित) के तहत दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि इतने बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह गंभीर सुरक्षा जोखिम भी उत्पन्न करता है। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना या विस्फोट होता, तो पूरे गांव में जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। संयुक्त जांच टीम ने मौके पर विधिवत कार्रवाई करते हुए कुल 24 गैस सिलेंडरों को बरामद कर जब्त किया और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा घरेलू और कामर्शियल गैस सिलेंडरों का अवैध संग्रहण कर उनका दुरुपयोग करते हुए कालाबाजारी की जा रही थी। इस मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक लालगंज द्वारा थाना देवगांव में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आम उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध और पारदर्शी आपूर्ति मिलती रहे।





