आजमगढ़ : सपा सरकार में भी इस तरह से नहीं हुआ अपमान

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भाजपा नेता ने डिप्टी सीएम को पत्रक सौंप मांगा न्याय
आजमगढ़। सदर तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुकेरीगंज, ग्राम शिवली, तप्पा अठैसी, परगना निजामाबाद निवासी विनय प्रकाश गुप्त ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक चौराहे के पास आराजी संख्या 204, रकबा 920 कड़ी, जो 132 की सार्वजनिक भूमि है, उस पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कराया जा रहा है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, उक्त भूमि शहर के मध्य स्थित है और सार्वजनिक उपयोग की है, इसके बावजूद विकास प्राधिकरण, तहसील, पुलिस विभाग, उप जिलाधिकारी सदर और अधीनस्थ राजस्व कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से रसूखदारों द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। इस संबंध में समाधान दिवस पर शिकायत करने पर वहां मौजूद उप जिलाधिकारी सदर और मुख्य राजस्व अधिकारी के समक्ष मामला रखा गया, लेकिन आरोप है कि उप जिलाधिकारी ने शिकायत सुनते ही नाराजगी जाहिर की और कथित कब्जेदारों के पक्ष में बोलते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विनय प्रकाश गुप्त का आरोप है कि उन्हें समाधान दिवस के दौरान अपमानित किया गया और कहा गया कि भाजपा के बाप और तोप हो क्या कर लोगे, जबकि उनका कहना है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में भी उन्हें इस तरह का अपमान नहीं झेलना पड़ा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 5, 9, 17 और 19 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और मुख्य राजस्व अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा 10 जनवरी 2026 को प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को भी पत्र सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर निर्माण कार्य लगातार जारी है। आरोप है कि आजमगढ़ विकास प्राधिकरण भी कथित कब्जेदारों के पक्ष में खड़ा है। विनय प्रकाश गुप्त ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के हिंचलाल बनाम कमला देवी प्रकरण का हवाला देते हुए सार्वजनिक पोखरे और भूमि पर हुए निर्माण को हटाने तथा पूरे 920 कड़ी रकबे को सार्वजनिक हित में सुरक्षित कराने की मांग की है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई कराने की अपील की है।

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