आजमगढ़। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर निवासी बृजेश गोड ने बिना पूर्व सूचना उनके भूमिधरी एवं निमार्णाधीन मकान को ध्वस्त किए जाने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रार्थना पत्र भेजा है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि 23 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग पांच बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिलाधिकारी के आदेश पर आजमगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा उनके तथा उनके चाचा के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रार्थी बृजेश गोड के अनुसार, ग्राम हरिहरपुर स्थित गाटा संख्या 68 उनकी भूमिधरी भूमि है, जिस पर उनके चाचा रामनयन गोड का मकान बना हुआ था और उनका स्वयं का मकान निमार्णाधीन था। बिना किसी पूर्व नोटिस या सूचना के दोनों मकानों को गिरा दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों की शिकायत है कि मकान बनने से संगीत महाविद्यालय की शोभा खराब हो रही है तथा नक्शा पास नहीं है, इसी आधार पर ध्वस्तीकरण किया गया। बृजेश गोड का कहना है कि इसी संगीत महाविद्यालय के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी भूमिधरी भूमि गाटा संख्या 68 से 0.200 हेक्टेयर भूमि विनिमय के माध्यम से दी थी, जिस पर अब महाविद्यालय बनकर तैयार हो चुका है। बदले में उन्हें आदापुर की गाटा संख्या 121क में भूमि दी गई, जिस पर न तो उन्हें रास्ता मिला है और न ही कब्जा। उन्होंने कहा कि यदि पहले ही और भूमि की आवश्यकता बताई जाती तो वे उस पर भी विचार कर सकते थे। प्रार्थी ने खुद को गरीब और असहाय बताते हुए कहा कि उनकी आमदनी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। उन्होंने 2 जनवरी 2026 को आनलाइन रसीद कटवाकर विकास प्राधिकरण आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजीआरएस और जिलाधिकारी को पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर फर्जी आख्या लगाकर उनका निस्तारण कर दिया गया, बिना उनकी प्रतिक्रिया लिए ही संदर्भ संख्या 60000250297544 एवं 51191260002306/20019125027650 का निस्तारण दिखा दिया गया। प्रार्थी का आरोप है कि जब उन्होंने गांव वालों द्वारा दी गई कथित शिकायत की प्रति मांगी तो अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया। उन्होंने इसे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक उत्पीड़न बताया है। बृजेश गोड, जो किसान मोर्चा भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष (हाफिजपुर) और हरिहरपुर के पूर्व बूथ अध्यक्ष भी हैं, ने उपमुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा हुए मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।






