आजमगढ़ : ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती किसानों के मसीहा थे-केशव प्रसाद मौर्य

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अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 'पूर्ण रोजगारयुक्त भारत' में शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका पर हुआ मंथन
किसान शोषण मुक्त हो इसके लिए कटिबद्ध रहे स्वामी सहजानंद सरस्वती-सहजानन्द राय
आजमगढ़। ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के तत्वावधान में महाराज सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी आफ एग्डर (नॉर्वे), स्वदेशी शोध संस्थान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक तथा रूहुना विश्वविद्यालय श्रीलंका के संयुक्त सहयोग से हरिऔध कला भवन में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय 'पूर्ण रोजगारयुक्त भारत के लिए शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका' रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनन्त विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती, राजगुरु मठ पीठाधीश्वर काशी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती को किसानों का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने संन्यास को समाज-सेवा से जोड़ा और जीवनभर किसानों, श्रमिकों व शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उपमुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते वर्षों में गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्थापना और 'एक जनपद-एक उत्पाद' जैसी योजनाओं से प्रदेश व देश की प्रगति को नई गति मिली है। उन्होंने युवाओं से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर सेवा न्यास गठित कर व्यापक सामाजिक कार्य किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास उनकी विचारधारा को जीवंत बनाए रखने का प्रशंसनीय उदाहरण है। ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती भारत में किसान आंदोलन के जनक थे। उनका मानना था कि जब तक किसान शोषण से मुक्त नहीं होगा, देश सच्चे अर्थों में स्वतंत्र नहीं हो सकता। उन्होंने संन्यास को पलायन नहीं, बल्कि समाज-सेवा का सशक्त माध्यम माना और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर आवाज उठाई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. सुनील डबास, अखिल भारतीय संगठक स्वदेशी जागरण मंच कश्मीरी लाल, कुलपति बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रो. राजकुमार मित्तल, कुलपति महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ एवं आयोजक प्रो. सजीव कुमार, टेक्नोक्रेट व नीति निमार्ता डॉ. ओंकार राय उपस्थित रहे। संगोष्ठी के दौरान जिले के युवा उद्यमियों, अन्नदाता किसानों, शिक्षकों, खिलाड़ियों, नारी सशक्तिकरण में योगदान देने वाली महिलाओं और कलाकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन न्यास के सचिव अवनीश राय मानस ने किया। इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह, परितोष राय, डॉ. प्रशांत राय, आशीष सिंह, मयंक श्रीवास्तव, ऋषभ सिंह, आनंद मिश्रा, अरविंद चित्रांश, आलोक, सौरभ सिंह श्रीनेत, अमन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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