भाजपा मंडल मंत्री विशाल ओझा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र देकर रमेश चंद यादव की पदोन्नति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
वर्ष 2023 में पदोन्नति प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने और वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिलने के दस्तावेजों के आधार पर उठाए गए सवाल
आजमगढ़। तुलसीनगर स्थित विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक रमेश चंद यादव की प्रवक्ता संस्कृत पद पर पदोन्नति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के अजमतगढ़ मंडल मंत्री विशाल ओझा ने 22 अक्टूबर 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़ को पत्र भेजकर पदोन्नति प्रक्रिया की वैधानिकता और नियमानुकूलता की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है। विशाल ओझा ने अपने पत्र में कहा है कि रमेश चंद यादव की पदोन्नति के मामले में उनकी शैक्षिक एवं विषयगत अर्हता, मूल नियुक्ति की तिथि, आवश्यक सेवा अवधि, ज्येष्ठता, पदोन्नति कोटे में उपलब्ध रिक्ति और प्रबंध समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की जांच कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव, आवश्यक अनुमोदन, ज्येष्ठता सूची, रिक्त पद की स्थिति तथा अन्य संबंधित अभिलेखों का भी परीक्षण करने की मांग की गई है।
इस प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का 1 फरवरी 2023 का पत्र भी महत्वपूर्ण है। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी की ओर से जारी इस पत्र में विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को सूचित किया गया था कि संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल के 5 जनवरी 2023 के पत्र के माध्यम से रमेश चंद यादव की प्रवक्ता संस्कृत पद पर पदोन्नति का प्रस्ताव अस्वीकार कर मूल सेवा पुस्तिका वापस भेजी गई थी।
इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से जारी 24 सितंबर 2025 के कार्यालय आदेश में रमेश चंद यादव की प्रवक्ता संस्कृत पद पर पदोन्नति को स्वीकार किए जाने का उल्लेख है। आदेश में उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के परीक्षण, पदोन्नति कोटे में रिक्त पद, संबंधित विषय में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षक की शैक्षिक योग्यता एवं सेवा संबंधी विवरण का जिक्र किया गया है।
आदेश के अनुसार, विद्यालय में प्रवक्ता संवर्ग के कुल पांच पदों की जनशक्ति निर्धारित होने, जिनमें दो पद पदोन्नति कोटे के अंतर्गत होने तथा पदोन्नति श्रेणी में एक पद रिक्त होने का उल्लेख किया गया है। आदेश में रमेश चंद यादव की सेवा और शैक्षिक योग्यता संबंधी विवरण के आधार पर उन्हें पदोन्नति के लिए अर्हताधारी पाया गया। इसके बाद उनकी पदोन्नति स्वीकार करते हुए विद्यालय प्रबंधन को आगे की आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। विशाल ओझा ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि पदोन्नति की तिथि पर लागू उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के अधीन विनियमों, संबंधित शासनादेशों और अन्य सेवा नियमों के अनुपालन की जांच की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि यदि जांच में कोई अनियमितता या नियमविरुद्ध प्रक्रिया सामने आती है, तो सक्षम प्राधिकारी लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार पदोन्नति के पुनरीक्षण, निरस्तीकरण अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई पर निर्णय ले।
उन्होंने मामले की प्रतिलिपि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल को भी भेजी है। शिकायत के साथ पदोन्नति के समय जारी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के आदेश तथा पूर्व में पदोन्नति प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने से संबंधित पत्र संलग्न किए जाने का उल्लेख है।
इस मामले में वर्ष 2023 में प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने और वर्ष 2025 में पदोन्नति स्वीकार किए जाने के बीच की परिस्थितियों, संबंधित आदेशों तथा अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायत के आधार पर पदोन्नति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पदोन्नति नियमविरुद्ध थी या नियमानुसार, इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित अभिलेखों की जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

