जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जताई असंतुष्टि
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागवार और तहसीलवार शिकायतों की स्थिति, निस्तारण की गुणवत्ता तथा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका त्रिपाठी और पीओ डूडा डॉ. महेंद्र प्रसाद का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की उच्च प्राथमिकता वाला पोर्टल है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर आख्या अपलोड करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ताओं से स्वयं संवाद कर उनका फीडबैक प्राप्त करें और संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान सर्वाधिक शिकायतों वाले पांच विभागों में राजस्व, विद्युत, पंचायती राज, ग्राम्य विकास तथा खाद्य एवं रसद विभाग शामिल रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित गांवों में भेजकर शिकायतों की मौके पर जांच कराएं। इसके बाद नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसी तरह सगड़ी, फूलपुर, सदर, बुढ़नपुर और लालगंज तहसीलों में प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित नायब तहसीलदारों को स्वयं गांवों में जाकर मामलों की जांच करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए।
विद्युत विभाग में बड़ी संख्या में असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एक्सईएन विद्युत को जेईवार रिपोर्ट लेकर प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करने तथा शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराने का निर्देश दिया। साथ ही, प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्युत संबंधी शिकायतों के समाधान में लापरवाही के कारण यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता का फीडबैक असंतुष्टिपरक है, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर समस्या का वास्तविक कारण समझें और समाधान कराएं। जिन गांवों से बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष ध्यान देते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि एक ही समस्या को लेकर बार-बार शिकायत न करनी पड़े। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की नियमित निगरानी करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या औपचारिकता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नरेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

