आज़मगढ़ : शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के साथ धोखाधड़ी

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फर्जी मुख्तार-ए-आम दिखाकर 6.10 लाख रुपये हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एक करोड़ 80 लाख में जमीन का सौदा तय करने का दावा
आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी व्यवसायी सत्येन कुमार उर्फ सत्यम ने जहानागंज थाना क्षेत्र के गंभीरवन गांव निवासी पिता-पुत्र पर कथित फर्जी मुख्तार-ए-आम (पावर ऑफ अटर्नी) दिखाकर जमीन का सौदा करने और 6.10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। इसी दौरान पूर्व परिचित सुभाष चौबे और उनके पुत्र रत्नेश मणि चतुर्वेदी उसके कार्यालय और आवास पर आते-जाते थे। आरोप है कि दोनों उसकी आर्थिक स्थिति और जमीन की आवश्यकता से परिचित थे। 20 जून 2022 को दोनों उसके आवास एवं कार्यालय पहुंचे और ग्राम नरौली, परगना निजामाबाद, तहसील सदर स्थित आराजी संख्या 489, रकबा 79 कड़ी तथा आराजी संख्या 533, रकबा 70 कड़ी की जमीन का स्वयं को मुख्तार-ए-आम बताते हुए एक कथित पावर ऑफ अटर्नी दिखाई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दस्तावेज दिखाकर उसे विश्वास दिलाया गया कि दोनों को उक्त भूमि बेचने का पूरा अधिकार प्राप्त है। इसके बाद जमीन का सौदा एक करोड़ 80 लाख रुपये में तय हुआ और अग्रिम धनराशि मांगी गई। आरोप है कि विश्वास में आकर उसने उसी दिन रत्नेश मणि चतुर्वेदी के चतुर्वेदी ब्रदर्स ईंट महाउद्योग के बैंक खाते में छह लाख रुपये ऑनलाइन स्थानांतरित किए, जबकि 10 हजार रुपये नकद दिए। इस तरह कुल 6.10 लाख रुपये दिए गए। शिकायत में बताया गया है कि 22 जून 2022 को दोनों आरोपी दोबारा शिकायतकर्ता के आवास एवं कार्यालय पहुंचे और एक लिखित इकरारनामा दिया। आरोप है कि इकरारनामे में दोनों ने हस्ताक्षर करते हुए एक करोड़ 80 लाख रुपये में भूमि का विक्रय करने तथा छह लाख रुपये अग्रिम प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद बाद में भूमि का बैनामा नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने कई बार कथित मुख्तार-ए-आम की प्रति मांगी, लेकिन आरोपियों ने दस्तावेज की प्रति उपलब्ध नहीं कराई। इससे उसे दस्तावेज की वास्तविकता और आरोपियों के भूमि बेचने के अधिकार पर संदेह हुआ। इसके बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर लगातार टालमटोल की जाती रही। बाद में रकम वापस करने के लिए 6.10 लाख रुपये का चेक दिए जाने का भी शिकायत में उल्लेख है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक में चेक प्रस्तुत करने पर वह 'Funds Insufficient' की वजह से अनादरित हो गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रकम चतुर्वेदी ब्रदर्स नामक ईंट निर्माण फर्म के खाते में प्राप्त की गई, जबकि धनवापसी के लिए चेक सुभाष चौबे के नाम से दिया गया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन परिस्थितियों से प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई और उसकी रकम वापस नहीं की गई। उसने आरोपियों के पूर्व में भी इसी प्रकार के कृत्यों में शामिल होने संबंधी समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए उनकी प्रतियां भी पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शिकायत प्रकोष्ठ में यह शिकायत 17 जुलाई 2026 को क्रम संख्या 149 पर दर्ज हुई थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। 10 सितंबर 2026 को कोतवाली थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए जाने का निर्देश दिया गया। कोतवाली पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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