आजमगढ़ : राशन विक्रेता पर 420 कुंतल से अधिक खाद्यान्न की कमी का आरोप, मुकदमा दर्ज

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110 कार्डधारकों के बयान में वितरण में अनियमितता सामने आई, दुकान के गोदाम में नहीं मिला गेहूं-चावल
आजमगढ़। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति विभाग की जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद सठियांव विकासखंड की ग्राम पंचायत समेंदा के उचित दर विक्रेता हवलदार यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में विक्रेता के अनुबंध के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति विभाग की टीम ने शिकायत की मौके पर जांच की। ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में मुख्य शिकायतकर्ता की मौजूदगी में 110 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद टीम ने उचित दर दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दुकान बंद मिली। मौके पर मौजूद विक्रेता के पुत्र ने बताया कि हवलदार यादव इलाज के लिए आजमगढ़ शहर गए हैं। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। टीम ने गोदाम का ताला खुलवाकर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया, लेकिन दोनों कमरों में गेहूं, चावल और चीनी नहीं मिली। वहां केवल कुछ खाली प्लास्टिक और जूट के बोरे पाए गए। आॅनलाइन पीडीएस रिपोर्ट और मौके पर किए गए सत्यापन के आधार पर स्टॉक में 93.41 कुंतल गेहूं, 327.22 कुंतल चावल और 1.38 कुंतल चीनी की कमी पाई गई। इस तरह गेहूं और चावल की कुल 420.63 कुंतल तथा चीनी की 1.38 कुंतल मात्रा उपलब्ध नहीं मिली। कार्डधारकों के बयानों में भी वितरण में अनियमितता के आरोप सामने आए। 23 कार्डधारकों ने बताया कि अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया गया, जबकि 25 कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की बात कही। इसके अलावा दुकान पर विभागीय सूचनाओं का निर्धारित तरीके से प्रदर्शन नहीं किया गया था। जांच आख्या में खाद्यान्न के स्टॉक और वितरण में अनियमितता के आरोप पाए जाने के बाद प्रकरण को जिलाधिकारी के समक्ष संस्तुति सहित प्रस्तुत किया गया। अनुमोदन के बाद हवलदार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता, कालाबाजारी अथवा पात्र कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं देने के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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