प्रदेश में बारिश के तेवर तीखे, पांच जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद

Youth India Times
By -
0

तराई के आठ जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट, पूर्वांचल समेत 39 जिलों में येलो अलर्ट

आजमगढ़-मऊ समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी
लखनऊ। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ प्रभावी इंटरेक्शन के चलते उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो गया है। नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्रों के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और तापमान में गिरावट से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। तराई क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के आसार हैं। बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का आॅरेंज अलर्ट है। पूर्वांचल के आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज समेत 39 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। कई जिलों में स्कूल बंद-बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। लखनऊ, बलरामपुर, सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में कक्षा एक से 12 तक के विद्यालय बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ जिलों में नर्सरी से कक्षा 12 तक शिक्षण कार्य स्थगित किया गया है। संबंधित अधिकारियों ने विद्यालय संचालकों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और आरेंज अलर्ट वाले जिलों के अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से खुले स्थान, पेड़ के नीचे और पार्कों में बारिश व वज्रपात के दौरान न जाने की अपील की गई है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)